अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई, आरक्षक को किया लाइन अटैच
जबलपुर: शहर के ग्वारीघाट थाने में शाम की नियमित गणना के दौरान अनुशासनहीनता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आरक्षक ने अपने ही थाना प्रभारी के साथ न केवल अभद्रता की बल्कि उनके साथ हाथापाई की नौबत तक ला दी। इस घटना के बाद थाने में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। पुलिस विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की है ताकि बल में अनुशासन बना रहे।
ड्यूटी के दौरान अचानक भड़का आरक्षक और पकड़ी टीआई की कॉलर
थाना परिसर में जब थाना प्रभारी हरिकिशन आटनेरे शाम के वक्त सभी पुलिसकर्मियों की गणना ले रहे थे और उन्हें उनके कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे, तभी यह पूरा विवाद शुरू हुआ। जैसे ही थाना प्रभारी ने आरक्षक अजय लोधी को उसकी ड्यूटी और कार्यप्रणाली को लेकर कुछ समझाना चाहा, आरक्षक अचानक अपना आपा खो बैठा और चिल्लाने लगा। अनुशासन में रहने की हिदायत देने पर आरक्षक और अधिक उग्र हो गया और उसने सभी के सामने थाना प्रभारी की कॉलर पकड़कर गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी दंग रह गए।
वरिष्ठ अधिकारियों का दखल और आरक्षक पर गिरी गाज
आरक्षक द्वारा किए गए इस दुर्व्यवहार के दौरान मौके पर मौजूद उपनिरीक्षकों और अन्य जवानों ने बीच-बचाव करते हुए आरक्षक को बमुश्किल थाना प्रभारी से अलग किया। इस हिंसक और अपमानजनक व्यवहार की शिकायत तत्काल पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय से की गई, जिन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरक्षक अजय लोधी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए। एसपी ने स्पष्ट किया है कि वर्दीधारी बल में इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और आरोपी आरक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी अनुशासनहीनता की घटना
थाने के भीतर ही अपने वरिष्ठ अधिकारी पर हमले और अभद्रता की इस खबर ने पूरे पुलिस विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि सार्वजनिक रूप से एक मातहत द्वारा अपने प्रभारी के साथ ऐसा व्यवहार करना विभाग की कार्यशैली और आंतरिक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि आरक्षक के इस व्यवहार के पीछे के कारणों का पता लगाकर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जा सके।

“लाखों नाम हटाए गए”, Mamata Banerjee ने जताई नाराजगी
सपनों को मिले पहिए : भीमा मारकंडे की 'बैसाखी' से 'आत्मनिर्भरता' तक की प्रेरक यात्रा
कैबिनेट का बड़ा फैसला, Madhya Pradesh में व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, अन्य प्रस्ताव भी मंजूर
प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें जरूरी बातें